गोवा में नाबालिगों पर यौन शोषण के आँकड़े: 13 % लड़कियों में गर्भधारण
गोवा के पीड़ित सहायता इकाई (VAU) ने पिछले आठ वर्षों के डेटा का खुलासा किया, जिसमें बताया गया कि 1,200 नाबालिगों को यौन शोषण का शिकार बनाया गया। चिंताजनक तथ्य यह है कि उन लड़कियों में से 13 % ने शोषण के परिणामस्वरूप गर्भ धारण किया, मुख्यतः 16‑18 वर्ष की आयु वर्ग में।
यह आँकड़ा न केवल पीड़ितों के शारीरिक एवं मनोवैज्ञानिक आघात को उजागर करता है, बल्कि स्थानीय प्रशासन की नितांत निष्क्रियता को भी सवाल की कसौटी पर रखता है। अधिकांश मामलों में पीड़ितों को समय पर सहायता मिलना या शोषण की रोकथाम हेतु प्रभावी उपाय लागू करना न तो हुआ, न ही ऐसे अपराधों का पुनरावृत्ति‑रोधी मॉडल तैयार किया गया।
विज्ञान और सामाजिक विशेषज्ञों ने इस प्रवृत्ति को रोकने के लिए शैक्षणिक हस्तक्षेप का प्रस्ताव रखा है। उनका मानना है कि भरोसेमंद वयस्कों — शिक्षकों, काउंसलर्स या सामाजिक कार्यकर्ताओं — द्वारा पाँचवीं कक्षा से ही बाल अधिकार, स्वास्थ्य शिक्षा और संभावित जोखिमों के बारे में नियमित जानकारी देना आवश्यक है। इस प्रकार का प्रारम्भिक वर्गीकरण न केवल शोषण की संभावना को घटाएगा, बल्कि गर्भधारण जैसी जटिल सामाजिक समस्याओं को भी टालेगा।
स्थानीय प्रशासन के प्रति व्यंग्यात्मक टिप्पणी करना बेतुका नहीं होगा: यदि शहरी विकास में रूट‑प्लान बना सकते हैं, तो क्यों नहीं बचपन की सुरक्षा के लिए समान स्तर की योजना बनायी जा सकती? कई नगर निगम के कार्यक्रम सड़कों, जल निकासी और पार्कों पर केंद्रित रहते हैं, जबकि महिला सुरक्षा के लिए समुचित बुनियादी ढांचा और त्वरित न्याय प्रवर्तन की व्यवस्था अक्सर मायावी रहती है।
नागरिक समाज ने इस मुद्दे को लेकर आवाज़ उठाई है। स्थानीय NGOs और माता‑पिता समूह ने प्रशासन से तत्काल उपाय करने की मांग की है — जैसे कि शोषण के शिकार बच्चों के लिए विशेष काउंसलिंग सेंटर, प्रशिक्षित पुलिस इकाइयों की तैनाती, और स्कूलों में नियमित रूप से बाल अधिकार शिक्षा का अनिवार्य पाठ्यक्रम।
जब तक इन मांगों पर ठोस कार्रवाई नहीं की जाती, गोवा के मुस्कुराते पर्यटक‑संध्यानुदेशीय शहर की छवि के नीचे नाबालिगों की पीड़ित दरोहर बनी रहेगी। इस तथ्य को नजरअंदाज करना अब भी एक दुर्लभ त्रुटि नहीं, बल्कि प्रशासनिक लापरवाही का नया प्रमाण है।
Published: May 4, 2026