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Category: शहर

गाँव में गेहूँ की खरीदारी लगभग पूरी, लिफ्ट बैकलॉग 56% ही घटा

राज्य के कृषि विभाग ने आज घोषणा की कि इस वित्तीय वर्ष में केंद्रीय सरकार के न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) के अनुसार गेहूँ की खरीदारी लगभग समाप्त हो गई है। विभाग की रिपोर्ट में कहा गया कि कुल 1.85 लाख टन की उपलब्ध मात्रा में से 1.78 लाख टन का भुगतान जारी कर दिया गया है, जिससे अधिकांश किसानों को अंतिम भुगतान मिल चुका है।

इसके विपरीत, लिफ्ट बैकलॉग, यानी उन किसानों की सूची जिनका दलाल या सहयुक्त एग्रीकल्चर प्रोसेसिंग यूनिट (APCU) को भुगतान अभी बाकी है, केवल 56% ही घटा है। इस देरी का मुख्य कारण स्थानीय तहखंड कार्यालयों में संसाधन अभाव और दस्तावेजी प्रक्रियाओं की जटिलता बताया गया। प्रशासनिक अधिकारी ने कहा, “डेटा एंट्री और वेरिफिकेशन चरण में कई बार पुनः जाँच की आवश्यकता पड़ती है, जिससे प्रक्रिया धीमी हो जाती है।”

किसानों ने बताया कि जबकि अधिकांश को भुगतान मिल गया है, लिफ्ट बैकलॉग में फँसे किसानों को ऋण की चक्रवृद्धि ब्याज की चिंता है। कई किसानों ने सामाजिक मंचों पर इस बात को उजागर किया कि अपर्याप्त भुगतान से उनकी खेती‑परोसाई योजना बाधित हो रही है और ऋण चक्र में फँसने का जोखिम बढ़ रहा है।

नगर प्रशासन ने इस मुद्दे को हल करने के लिए विशेष कार्यदल की नियुक्ति का प्रस्ताव रखा है। कार्यदल को अगले दो हफ़्तों में सभी लंबित केसों का निपटारा करने का निर्देश दिया गया है और यह भी कहा गया है कि भविष्य में ऐसे बैकलॉग को रोकने के लिये डिजिटल पैंत्रीकरण को तेज किया जाएगा।

वित्तीय लेखा विभाग ने बताया कि लिफ्ट बैकलॉग में 44% कमी अभी शेष है, जो कि बजट के प्रावधानों के तहत अगले तिमाही में समाप्त करने का लक्ष्य रखा गया है। जबकि प्रशासन इस लक्ष्य को साकार करने में आशावादी है, विशेषज्ञों का मानना है कि केवल तकनीकी सुधार ही नहीं, बल्कि बुनियादी ढाँचा और मानवीय संसाधनों में निवेश आवश्यक है।

सारांश में, गेहूँ की खरीदारी में उल्लेखनीय प्रगति के बावजूद लिफ्ट बैकलॉग में धीमी गति से गिरावट प्रशासन की कार्यवाही में अधूरी तत्परता को दर्शाती है। किसानों की अस्थिर वित्तीय स्थिति को देखते हुए, समय पर और पूरी सूचना‑सुरक्षा वाले समाधान की अपेक्षा वैध प्रतीत होती है।

Published: May 4, 2026