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Category: शहर

गुजरात में लालु सिंधी के गिरोह को GujCTOC के तहत दायर किया गया मामला

गुजरात पुलिस ने कल शाम को अहमदाबाद के वेस्टरर्न जिले में चल रहे एक गंभीर सुरक्षा ऑपरेशन के दौरान लालु सिंधी के नेतृत्व वाले गिरोह के पांच सदस्यों को हिरासत में लिया और उन्हें GujCTOC (गुजरात कंट्रोल ऑफ टेररिस्ट ऑर्गनाइज़ेशन्स एक्ट) के तहत औपचारिक आरोपपत्र दायर किया।

जांच के अधिनियम के तहत, पुलिस ने बताया कि गिरोह ने कई बार शहर के प्रमुख बुनियादी ढांचे को बाधित करने की साजिश रची थी, जिसमें सार्वजनिक परिवहन नेटवर्क और जल आपूर्ति सिस्टम को लक्षित करने के प्रयास शामिल हैं। अधिकारी यह भी दावा करते हैं कि गिरोह ने आपराधिक संगठनों के साथ जटिल धनराशि स्रोत स्थापित किया था, जो राज्य स्तर पर सुरक्षा जोखिम को बढ़ाता है।

प्रमुख पुलिस अधिकारी शरद प्रसाद ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा, “हमने GujCTOC की व्यापक प्रावधानों का उपयोग करके इस गिरोह को कानूनी रूप से मजबूत जड़ से उखाड़ फेंका है। यह कदम न केवल अपराधियों को रोकता है, बल्कि आम नागरिकों को दीर्घकालिक सुरक्षा की आश्वासन भी देता है।” उनका यह बयान, अक्सर राजनीतिक लेनदेन से जुड़े सुरक्षा ढाँचे पर सूखे व्यंग्य के साथ देखा जा सकता है, क्योंकि वह “दीर्घकालिक आश्वासन” पर ज़ोर देते हैं जबकि स्थानीय बुनियादी सुविधाएँ अभी भी कई बार गैर-कार्यात्मक रहती हैं।

शहर प्रशासन ने इस गिरफ्तारी को “स्थानीय प्रशासनिक दक्षता” का प्रमाण बताया और तुरंत अगले कुछ दिनों में सुरक्षा उपायों को सुदृढ़ करने का वचन दिया। वहीं, नागरिक समूहों ने इस निर्णय को दोधारी तलवार कहा, क्योंकि जबकि गिरोहियों पर कड़ी कार्रवाई की गई, सामान्य जनता को अक्सर बुनियादी सुविधाओं के निरंतर व्यवधान का सामना ही करना पड़ता है।

रिपोर्टों के अनुसार, आरोपी अब अदालत में प्रस्तुत हैं और अगले सप्ताह सुनवाई तय है। यदि अदालत GujCTOC के तहत निर्धारित दण्ड को लागू करती है, तो यह अभियोजन को कई समान मामलों में एक मजबूत उदाहरण स्थापित कर सकता है। परन्तु यह सवाल अभी भी बना है कि इस तरह की कठोर कानूनी कार्रवाई के बाद प्रशासन स्थानीय स्तर पर रोजमर्रा की समस्याओं—जैसे जल की कमी, ट्रैफ़िक जाम और सार्वजनिक स्वास्थ्य सुविधाओं की कमी—को कितनी शीघ्रता से हल कर पायेगा।

Published: May 4, 2026