गुजरात में जीसीएएस पंजीकरण 7 मई से शुरू, प्रशासनिक तैयारियों पर कई सवाल
जुहारपुर, 5 मई: राज्य सरकार ने आज घोषणा की कि गुजरात सर्टिफ़िकेट अथॉरिटी स्कीम (GCAS) के पंजीकरण का द्वार 7 मई को खोलेगा। इस कदम का मकसद ग्रामीण एवं शहरी मध्यम वर्ग को विभिन्न सरकारी लाभों से जोड़ना है, पर साथ ही यह भी स्पष्ट करता है कि तैयारियों में अभी कई धुंधली लकीरें बिखरी हैं।
GCAS, जिसका आधिकारिक नाम गुजरात सिविल एसेट्स सॉल्यूशन है, नागरिकों को भूमि-संबंधी विवाद निपटाने, किराना सब्सिडी, तथा जल-स्वच्छता योजनाओं के तहत एकीकृत पोर्टल उपलब्ध कराएगा। पंजीकरण के लिए आवेदक को आधार‑आधारित ई‑आधार, आय प्रमाण पत्र, तथा स्थानीय वार्ड की पुष्टि की आवश्यकता होगी। राज्य ने बताया कि ऑनलाइन पोर्टल के साथ-साथ 250 जिले में 500 पैनल स्वरूपित केंद्र भी स्थापित किए जाएँगे।
प्रशासनिक रूप से, योजना को लागू करने की जिम्मेदारी राज्य गृह विभाग, नगर निगम, व प्रमुख शहरी विकास प्राधिकरणों को दी गई है। हालांकि, कई नगर पालिकाओं में डिजिटल बुनियादी ढाँचे की कमी, तथा प्रशिक्षित कर्मियों की अड़चनें नियोजित समय‑सीमा को तनावपूर्ण बनाती दिख रही हैं। सिविल सरविसेज कमेटी के एक अधिकारी ने बताया, "डेटा का वास्तविक‑समय अपडेट करना तकनीकी रूप से चुनौतीपूर्ण है, विशेषकर उन क्षेत्रों में जहाँ इंटरनेट कनेक्टिविटी अस्थिर है।"
सभी उम्मीदों के विपरीत, कुछ नागरिक समूहों ने पंजीकरण प्रक्रिया में संभावित त्रुटियों को लेकर आवाज़ उठाई है। गुजरात नागरिक अधिकार समूह ने कहा, "सुरक्षा और डेटा गोपनीयता के मुद्दे अभी तक स्पष्ट नहीं हैं, और न ही यह स्पष्ट है कि बल्क डेटा में मानवीय त्रुटियों को कैसे सुधारा जाएगा।" उनका तर्क है कि आधी रात को अपडेट किए जाने वाले सर्वर के बजाय, एक स्थायी, बहु‑परत सुरक्षा मॉडल अपनाया जाना चाहिए।
स्थानीय व्यापारियों पर भी इस योजना का प्रभाव पड़ेगा। एक फुटप्रिंट स्टोर के मालिक, राकेश जुहानी, ने कहा, "यदि पंजीकरण सुगमता से हो, तो हम छोटे‑मोटे किराये के बिलों में छूट जैसी सुविधाओं का लाभ ले सकेंगे, पर कागजी कार्रवाई में बार‑बार नुक़सान की संभावना है।" ऐसा कहा जाता है कि प्रति दफ़ा 3‑4 क़ाग़ज़ी फ़ॉर्म की जरूरत पड़ सकती है, जिससे न केवल समय बल्कि पर्यावरणीय लागत भी बढ़ेगी।
सरकार का दावा है कि इस पंजीकरण से अगले दो वर्षों में राज्य के सामाजिक‑आर्थिक सूचकांकों में 5‑7% सुधार होगा। लेकिन, यदि प्रशासनिक अड़चनें और नागरिकों का विश्वास बन नहीं पाता, तो यह आँकड़ा सिर्फ काग़ज़ी आकड़ी बन कर रह सकता है। इस संबंध में प्रशासन की अगली कदम यह होना चाहिए कि पंजीकरण केंद्रों में सतत प्रशिक्षण कार्यक्रम और तकनीकी सहायता के लिए एक हॉटलाइन स्थापित की जाए।
अंत में, यह स्पष्ट है कि GCAS पंजीकरण का आरम्भ एक सुनहरा अवसर प्रदान करता है, पर इसके साथ ही प्रशासनिक योग्यता, डिजिटल साक्षरता, और पारदर्शिता को सुदृढ़ करने की जरूरत भी उमड़ती है। यदि इन मुद्दों को हल नहीं किया गया, तो योजना के उद्देश्यों को साकार करना सिर्फ शब्दों की मिठास तक सीमित रह जाएगा।
Published: May 5, 2026