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गुजरात बोर्ड ने 12वीं में 84.33% पास दर दर्ज की, विज्ञान धारा में 11 सालों का सर्वोच्च स्तर

गुजरात राज्य बोर्ड ने आज घोषित किए गए 2026 के कक्षा 12 के परीक्षाफल में कुल पास दर 84.33 प्रतिशत बतायी, जो पिछले वर्ष की तुलना में सात अंकों से अधिक सुधार दर्शाती है। विज्ञान धारा की पास दर 78.9 प्रतिशत तक पहुंची, जो इस वर्ग में पिछले 11 सालों की सबसे ऊँची है।

शिक्षा विभाग के एक प्रवक्ता ने बताया कि इस परिणाम को कई सालों में किए गए पाठ्यक्रम अपडेट, विशेष प्रशिक्षण कार्यक्रम और डिजिटल शिक्षण संसाधनों के विस्तार का प्रतिफल माना जा रहा है। इन उपायों को “गुजरात शिक्षा पुनरुद्धार योजना” के तहत लागू किया गया था, जिसका उद्देश्य शहरी‑ग्रामीण अंतर को कम करना था।

हालांकि आँकड़े उत्साहजनक दिखते हैं, विशेषज्ञों का तर्क है कि केवल पास दर को सफलता का एकमात्र मानक बनाना संभावित जोखिमों को नजरअंदाज कर सकता है। कई स्कूलों में प्रति छात्र संसाधन अनुपात अभी भी राष्ट्रीय मानकों से नीचे है, जबकि निजी ट्यूशन की लहर धीरे‑धीरे सार्वजनिक स्कूलों में भी प्रवाहित हो रही है। इस प्रकार “उच्च पास दर” के पीछे छिपी गुणवत्ता‑संबंधी चुनौतियों को अनदेखा नहीं किया जा सकता।

विद्यापीठीय छात्र संघ ने भी इस परिणाम पर मिश्रित प्रतिक्रिया व्यक्त की। एक सदस्य ने कहा, “परिणाम देखकर अभिभावक अब गर्व के साथ नहीं, बल्कि अगले कॉलेज प्रवेश प्रक्रिया की तेज़ी से जाँच में लगे हैं।” दूसरे ने शिक्षकों के कार्यभार में बढ़ती वर्क‑लोड और परीक्षाओं के बाद की पुनरावलोकन प्रक्रिया में सुधार की मांग की।

शासन द्वारा अगले चरण में योजना की समीक्षा, शैक्षिक गुणवत्ता के मानकों को पुनः निर्धारित करना और ग्रामीण विद्यालयों में प्रयोगशालाओं तथा डिजिटल कक्षाओं का व्यापक संतुलन सुनिश्चित करना आवश्यक माना गया है। ऐसा न किया जाये तो उत्तीर्णता के आँकड़े एक अल्पकालिक अभयारण्य बन कर रह सकते हैं, जबकि वास्तविक सीखने‑सिखाने की बुनियाद को सुदृढ़ करने का काम आगे है।

Published: May 5, 2026