केन्द्रपड़ा में एएसआई को 2,000 रुपये की रिश्वत लेने के आरोप में गिरफ्तार
ओडिशा के केन्द्रपड़ा जिले में Assistant Sub‑Inspector (ASI) प्रसंत प्रधान को सतर्कता टीमों ने 2,000 रुपये की रिश्वत लेने के आरोप में गिरफ्तार किया। यह मामला एक जमीन विवाद की जांच के दौरान उभरा, जहाँ एक महिला शिकायतकर्ता ने आरोप लगाया कि अधिकारी ने अनुकूल रिपोर्ट के बदले ‘भुगतान’ की माँग की।
शिकायतकर्ता ने सीधे vigilance (सतर्कता) विभाग से संपर्क किया, जिसके बाद एक विशेष टीम ने एएसआई को पकड़ने के लिए गुप्त ऑपरेशन चलाया। अधिकारी को हिरासत में ले लिया गया और कोर्ट में पेश किया गया।
जमा की गई राशि, जो आजकल की सरकारी करवाईयों की तुलना में काफ़ी नगण्य लगती है, इस बात का संकेत देती है कि स्थानीय स्तर पर भ्रष्टाचार की जड़ें अभी भी गहरी हैं। भूमि विवादों में अक्सर पुलिस के तकनीकी हस्तक्षेप की जरूरत पड़ती है, पर जब वही अधिकारी जवाबदेह नहीं रहते, तो जनता की प्रणाली में भरोसा कमज़ोर पड़ जाता है।
केंद्रीय और राज्य स्तर की पुलिस रीफ़ॉर्म की आवाज़ें इस मामले में गंभीरता से सुनाई देती हैं। इस प्रकार के छोटे‑छोटे भ्रष्टाचार के उदाहरण न केवल न्यायिक प्रक्रिया को धुंधला करते हैं, बल्कि स्थानीय प्रशासन के विकास कार्यों में भी बाधा बनते हैं। एक नजर में यह केवल दो हजार रुपये का मामला लग सकता है, पर इसकी सामाजिक लागत अधिक महत्वपूर्ण है।
पुलिस विभाग ने अभी तक इस घटना पर आधिकारिक टिप्पणी नहीं दी, पर अपेक्षा है कि आगे की जाँच में इस तरह की प्रथा को रोकने के लिए सख्त कदम उठाए जाएँगे। नागरिकों का कहना है कि ऐसे मामलों में तेज़ कार्रवाई ही भरोसे को पुनर्स्थापित करने का एकमात्र उपाय है – इस आशा के साथ कि अगली बार “रिपोर्ट बनवानी है, तो रसीद नहीं, बल्कि भरोसा चाहिए” कहा जा सके।
Published: May 6, 2026