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केंद्र ने ओड़िशा की 10 बुनियादी ढाँचा परियोजनाओं को दिया 769 करोड़ का निधिकरण

नई दिल्ली ने ओड़िशा राज्य के लिए कुल 769 करोड़ रुपए की राशि को 10 प्रमुख सड़क‑इन्फ्रास्ट्रक्चर परियोजनाओं के लिये मंज़ूर किया है। इस घोषणा को मुख्यमंत्री नीलेश पटनायक ने आयुक्त पदस्थ दलों को संबोधित करते हुए प्रमुख विकास के संकेत के रूप में प्रस्तुत किया।

परियोजनाओं की सूची में अनुमानित 450 किलोमीटर नई और अपग्रेडेड राष्ट्रीय हाईवे, दो पुल, एक समुद्री तट‑सतत सड़कों का नेटवर्क, तथा रायपुर, पुरी और भुवनेश्वर जैसे शहरी क्षेत्रों में दो fly‑over एवं चार जल निकासी‑अधारित परियोजनाएँ शामिल हैं। विशेष ध्यान आदिवासी बस्तियों और सुदूर ग्रामीण क्षेत्रों को जोड़ने पर दिया गया है, जहाँ अभी भी स्वास्थ्य‑सेवा और शैक्षणिक संस्थानों तक पहुंच बाध्यकारी है।

वित्तीय प्रावधान का उपयोग राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (NHAI), ओड़िशा पब्लिक वर्क्स डिपार्टमेंट और भारतीय जल संसाधन विभाग के सहयोग से किया जाएगा। योजना के अनुसार, अगले 24 महीनों में सभी टेंडर जारी कर, 2028 तक कार्य पूर्ण करने का लक्ष्य रखा गया है।

स्थानीय व्यवसायियों और किसानों ने इस पहल को सकारात्मक रूप से सराहा है, क्योंकि बेहतर सड़कों से बाजारों तक पहुंच में कमी और उत्पादन लागत में गिरावट की आशा है। साथ ही, पर्यटनियों के लिए कोस्टल रोड को आधुनिकीकरण से सागर तट के रिसॉर्ट्स और धार्मिक स्थलों को आसानी से जोड़ा जा सकेगा।

परन्तु पिछले पाँच वर्षों में समान स्केल की कई परियोजनाओं के विलंबित कार्य, भूमि अधिग्रहण के विवाद तथा पर्यावरणीय मंजूरी में लम्बी प्रक्रिया ने प्रशासन को एक सीख दी है। विशेषज्ञों ने चेतावनी दी है कि यदि निधियों का सटीक ट्रैकिंग और समय‑सारणी का पालन नहीं किया गया, तो 769 करोड़ का बड़ा बजट भी अनुदान‑वित्तीय बर्बादी में बदल सकता है।

उपरोक्त पहल के बावजूद, सामाजिक कार्यकर्ता और स्थानीय एएनजीओ ने जमीन‑स्तर पर अभी भी कई बुनियादी सुविधाओं की कमी पर प्रकाश डाला है—जैसे गांवों में पानी की सप्लाई, स्वास्थ्य केंद्रों तक पहुंच आदि। उन्होंने कहा कि सड़कों का निर्माण सिर्फ प्रारंभिक कदम है; निरंतर रख‑रखाव, सड़क‑सुरक्षा उपाय और जुड़ी हुई सेवाओं की पूर्ति ही वास्तविक बदलाव लाएगी।

अंततः, बजट की मंज़ूरी एक सकारात्मक संकेत है, पर इसका वास्तविक प्रभाव तब ही स्पष्ट होगा जब योजना‑विनिर्माण के सभी चरणों में पारदर्शिता, समय‑पालन और स्थानीय सहभागिता को प्राथमिकता दी जाएगी।

Published: May 8, 2026