के.टी. रामराव ने कांग्रेस शासन में तेलंगाना के अपराधी स्तर की आलोचना की
तेलंगाना में भाजपा-प्रमुख बहुजन सत्र के वरिष्ठ मंत्री के.टी. रामराव ने सोमवार को कांग्रेस सरकार के तहत अपराधों में ‘हठीली बढ़ोतरी’ का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि वर्तमान प्रशासनिक नीति, विशेषकर महानगर हैदराबाद और अन्य शहरी केंद्रों में, सार्वजनिक सुरक्षा के मूलभूत तत्वों को नज़रअंदाज़ कर रही है।
रामराव ने उल्लेख किया कि पिछले वर्ष के आँकड़ों में चोरी‑डकैती, संगठित अपराध और घातक दंगों की संख्या में उल्लेखनीय वृद्धि देखी गई। यह आंकड़ा केवल पुलिस रिपोर्ट तक सीमित नहीं है; नागरिक शिकायत पोर्टलों और स्थानीय निकायों की वार्षिक रिपोर्टों में भी समान प्रवृत्ति उजागर हुई है। उन्होंने इस तथ्य को ‘राज्य की विकास कथा’ के साथ असंगत बताया, जहाँ सार्वजनिक सुविधाओं का विस्तार और डिजिटल एंगलिंग की बात तो की जाती है, पर सुरक्षा के बुनियादी ढाँचे पर भरोसा नहीं किया जाता।
हैदराबाद महानगर निगम (एचएमसी) के दावे के विपरीत, कई शहरी क्षेत्रों में बुनियादी सड़कों की निसरापन, लाइटिंग की कमी और जल निकासी की खराबी अभी भी नागरिकों को असुरक्षित बनाती है। रामराव ने कहे, “जब जल निकासी प्रणाली ‘जड़’ जैसी हो और सड़कों पर लाइटें ‘पर्दा’ जैसी, तब अपराधी अपनी छाया से भी तेज़ी से आगे बढ़ते हैं।” यह टिप्पणी स्थानीय प्रशासन की असफलताओं पर हल्की-फुल्की व्यंग्यात्मक नज़र डालती है, जबकि समस्याओं की गंभीरता को उजागर करती है।
कांग्रेस-प्रधान राज्य सरकार ने इस आरोप का तुरंत खंडन कर कहा कि उनके कार्यकाल में अपराध दर में निरंतर गिरावट आई है, और नई पुलिस स्टेशन, डीजीआई कंट्रोल रूम और सामुदायिक पुलिस पहलें लागू की गई हैं। सरकार ने यह भी बताया कि 2025‑26 में अपराध दर में 4.2 प्रतिशत की गिरावट दर्ज की गई है, जिससे पुलिस रिपोर्टिंग में सुधार का संकेत मिलता है।
शहर के आम नागरिकों के लिए यह राजनीतिक बहस अक्सर असहज वास्तविकता में बदल जाती है। कई निवासी बताते हैं कि देर रात तक खुले में चलना, सार्वजनिक परिवहन में चोरी‑डकैती और असंगठित गैंगों की हड़बड़ी का सामना करना अब सामान्य हो गया है। इस बीच, स्थानीय प्रशासन के लिये चुनौती यह है कि विकास कार्यों के साथ‑साथ प्रभावी पुलिसिंग और उचित नगर योजना को संतुलित किया जाए।
विश्लेषणकारों का मत है कि जबकि राजनैतिक विवाद अनिवार्य है, वास्तविक समाधान के लिये डेटा‑आधारित नीति‑निर्धारण, पुलिस संसाधनों का सामुहिक पुनर्वितरण और नगरपालिका द्वारा सड़कों तथा प्रकाश व्यवस्था में त्वरित सुधार आवश्यक है। बिना ठोस कदमों के, नागरिकों का विश्वास ही नहीं, बल्कि आर्थिक गतिविधियों पर भी नकारात्मक प्रभाव पड़ सकता है।
Published: May 4, 2026