ओडिशा के सीएम मोहं दीन महाज़ी का गुजरात दौरा: पूरब की ऊर्जा जरूरतों के लिए राज्य को ‘पावर हब’ बनाने की दावेदारी
बुधवार को ओडिशा के मुख्यमंत्री मोहन चरण महाज़ी ने गुजरात में तीन दिवसीय व्यावसायिक टूर की शुरुआत की, जहाँ उन्होंने रसायन एवं धातु उद्योगों के प्रमुख व्यापारियों से मिलकर अपने राज्य को भारत के पूर्वी भाग के लिए ‘पावर हब’ के रूप में स्थापित करने की योजना प्रस्तुत की।
मुख्यमंत्री ने कहा कि ओडिशा के पास भरपूर कोयला, जलविद्युत और नवीकरणीय ऊर्जा संसाधन हैं, जो बड़े उद्योगों को निरंतर और स्वच्छ बिजली आपूर्ति सुनिश्चित कर सकते हैं। उन्होंने गुजरात के उद्योग निकायों को बताया कि ओडिशा की भू-राजनीतिक स्थिति, समुद्री बंदरगाह और राष्ट्रीय हाईवे नेटवर्क सहज बाजार पहुँच प्रदान करते हैं।
कई बड़े रासायनिक और धातु उत्पादन कंपनियों ने इस प्रस्तुति को स्वागत‑योग्य बताया, परंतु ऐसी नीति के वास्तविक प्रभाव को समझने के लिए जमीन-स्तर की जाँच आवश्यक है। ओडिशा में अभी भी ग्रामीण इलाकों में बार-बार लोड shedding की समस्या बनी हुई है, जबकि बड़े उद्योगों को निरंतर शक्ति आपूर्ति की गारंटी दी जा रही है। यह अंतरायन स्थानीय प्रशासन की प्राथमिकता को प्रश्नांकित करता है।
राज्य सरकार ने पिछले दो वर्षों में 12 गिगावॉट क्षमता के ग्रिड विस्तार के प्रोजेक्ट शुरू किए हैं, और जलविद्युत तथा सौर ऊर्जा के मिश्रण से ऊर्जा संरचना को संतुलित करने का लक्ष्य रखा है। परन्तु इन प्रोजेक्ट्स की गति अक्सर जमीन‑परियोजना के दायित्व‑विवाद और भूमि अधिग्रहण के विवादों में फँस जाती है, जिससे निवेशकों का भरोसा धूमिल हो सकता है।
स्थानीय नागरिकों के लिए यह टूर दोधारी तलवार बनकर सामने आया है। एक ओर, बड़ी कंपनियों के आकर्षण से रोजगार के नए अवसर पैदा हो सकते हैं; दूसरा, यदि शहरी और औद्योगिक क्षेत्रों को प्राथमिकता दी जाती रही, तो ग्रामीण इलाकों में अभी भी बुनियादी सुविधाओं की कमी बनी रहेगी। जैसा कि एक स्थानीय पत्रकार ने टिप्पणी की, “राज्य ने बड़ी कंपनियों को लुभाने में तो तेज़ी दिखाई, लेकिन गाँव की रोशनी फिर भी टिमटिमाती रहे।”
निष्कर्षतः, ओडिशा के सीएम का यह गुजरात दौरा राज्य के ऊर्जा‑आधारित विकास मॉडल को राष्ट्रीय मंच पर प्रस्तुत करता है, परन्तु उसके साथ ही यह सवाल भी उठता है कि इस मॉडल को सभी वर्गों तक कैसे पहुँचाया जाएगा, और क्या प्रशासनिक क्रियाएँ वाकई में ‘सभी के लिये समान शक्ति’ प्रदान कर पाएँगी।
Published: May 6, 2026