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Category: शहर

एमपीसीबी ने पुणे व पिंपरी‑चिंचवाड़ में 84 उल्लंघन करने वाले इकाइयों को बंद करने के नोटिस जारी किए

महाराष्ट्र प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (एमपीसीबी) ने आज 84 इकाइयों को तत्काल बंद करने के नोटिस जारी किए हैं, जो पुणे शहर और पिंपरी‑चिंचवाड़ नगर निगम की सीमा में कार्यरत थे। ये इकाइयाँ जल, वायु और धुंधलकी के वैधानिक मानकों का उल्लंघन करने के कारण प्रतिबंधित की गई हैं।

पुलिस और नगर निगम की संयुक्त जांच के बाद, एमपीसीबी ने पाया कि कई छोटा और मध्यस्तर के उद्योगों ने मुळा‑मुंठा नदी में निकासी को शुद्व नहीं किया, जिससे जल गुणवत्ता के सूचकांक में गिरावट आई। नोटिस में जुर्माना, पुनः प्रमाणन के लिये समय‑सीमा, और पुनर्स्थापना के लिये तकनीकी समर्थन का उल्लेख है।

पुणे नगर निगम के मुख्य कार्यकारी अधिकारी (सीएमओ) ने कहा, "हम इस कार्रवाई का समर्थन करते हैं और सुनिश्चित करेंगे कि उल्लंघनकर्ता नियमानुसार सुधार कर सकें। हमें इस बात का ख्याल रखना है कि पर्यावरण की रक्षा और आर्थिक गतिविधियों के बीच संतुलन बना रहे।" पिंपरी‑चिंचवाड़ के नगरपालिका ने भी समान रुख अपनाते हुए कहा कि वे प्रभावित कर्मचारियों के लिये पुनर्वास कार्यक्रम स्थापित करेंगे।

स्थानीय व्यापार संघों ने नोटिस पर मिश्रित प्रतिक्रियाएँ व्यक्त कीं। कुछ ने कहा कि यह कदम स्वच्छता के लिये आवश्यक है, जबकि अन्य ने संभावित नौकरी घाटे को लेकर चिंता जाहिर की। उनके अनुसार, अचानक बंदी का भार छोटे उद्योगों पर असहनीय हो सकता है, जिससे सामाजिक तनाव बढ़ सकता है।

पर्यावरण विशेषज्ञों ने इस कार्रवाई की प्रशंसा की, परन्तु इस बात पर प्रकाश डाला कि समान उल्लंघन कई सालों से चलती आ रही है और यह जल्दबाजी में उठाए गए निर्णय की बजाय क्रमबद्ध सुधारात्मक योजना की कमी को उजागर करता है। "आइए देखते हैं कि इस बार केवल नोटिस नहीं, बल्कि व्यावहारिक पुनरुद्धार भी किया जाता है या नहीं," उन्होंने टिप्पणी की।

भविष्य में एमपीसीबी ने कहा कि वह सतत निगरानी के साथ नियमित जाँच करेगा, और पुनः अनुपालन न करने वाली इकाइयों पर कड़ी कार्यवाही करता रहेगा। इस दौरान नगरपालिका प्रशासन से अपेक्षा है कि वह आर्थिक प्रभाव को कम करने के लिये वैकल्पिक रोजगार और तकनीकी सहायता प्रदान करे, ताकि पर्यावरणीय सुधार और सामाजिक स्थिरता दोनों को साथ-साथ सुरक्षित रखा जा सके।

Published: May 5, 2026