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उत्तर प्रदेश बोर्ड ने कक्षा X‑XII के परिणाम‑बाद सुधार सुविधा शुरू की

उत्तर प्रदेश शिक्षा विभाग ने 8 मई को कक्षा X और XII के बोर्ड परिणाम घोषित होने के बाद एक नया ‘पोस्ट‑रिजल्ट करेक्शन’ प्रावधान सार्वजनिक किया। यह पहल उन छात्रों को लक्षित करती है जिनके अंक तालिका में टाइपो, डेटा एंट्री त्रुटि या प्रमाण पत्र संबंधी मामूली चूकों के कारण गलत दर्ज हो सकते हैं।

सुविधा के तहत छात्रों को परिणाम प्रकाशित होने के 30 दिनों के भीतर ऑनलाइन पोर्टल (upboardcorrection.in) पर पहुँचकर अपना अनुरोध जमा करना होगा। प्रत्येक आवेदन पर रू.100 की मामूली फीस वसूल की जाएगी, और दस्तावेज़ों के रूप में पहला रजिस्टर, व्यक्तिगत पहचान प्रमाण और त्रुटि का प्रमाण प्रस्तुत करना अनिवार्य है। विभाग ने स्पष्ट किया है कि यह सुविधा केवल कैल्कुलेशन या टाइपो त्रुटियों तक सीमित रहेगी; पुनः मूल्यांकन या उत्तरवर्ती परीक्षा का प्रश्न नहीं उठेगा।

लखनऊ‑आधारित बोर्ड अधिकारी अनीता सिंह ने कहा, “हम समझते हैं कि एक अंक भी भविष्य की पढ़ाई और करियर को प्रभावित कर सकता है; इसलिए इस छोटे‑से सुधार को संभव बनाना हमारी प्राथमिकता है।” हालांकि, कई शैक्षिक विश्लेषकों ने बताया कि इस नीति की देर से घोषणा—परिणाम घोषणा के दो हफ्ते बाद—से कई छात्रों को अपने कॉलेज प्रवेश प्रक्रिया में बाधा का सामना करना पड़ सकता है।

डिजिटल साक्षरता की दर में असमानता को लेकर भी सवाल उठे। ग्रामीण क्षेत्रों में छात्रों के पास स्थिर इंटरनेट नहीं होने के कारण, ऑनलाइन आवेदन प्रक्रिया लाभार्थियों के बीच असमानता पैदा कर सकती है। शहरी छात्रों ने इसको “सुविधाजनक” कहा, जबकि कई ग्रामीण माता‑पिता ने “ब्यवस्था का अटकलबज्ज़ा” शब्द प्रयोग किया।

व्यवस्थापकीय दृष्टि से यह कदम प्रशंसा योग्य है, परंतु इसकी वास्तविक प्रभावशीलता का मूल्यांकन तभी संभव होगा जब आवेदन प्रक्रिया में देरी, दस्तावेज़ सत्यापन में अटकाव और शुल्क वसूली के पारदर्शी प्रबंधन को ठीक किया जाए। अन्य राज्य बोर्डों ने भी समान सुविधा की घोषणा की है, जिससे यह स्पष्ट होता है कि उत्तर प्रदेश को अब केवल घोषणा नहीं, बल्कि कार्यान्वयन में भी गति दिखानी होगी।

बोर्ड ने कहा है कि कोई भी अभ्यर्थी जो निर्धारित अवधि के बाद भी त्रुटि पाते हैं, उन्हें ‘सुपरवाइज़र‑डिपेंडेंट’ पुनः मूल्यांकन के लिए अतिरिक्त आवेदन कर सकेंगे, पर उस प्रक्रिया में अतिरिक्त समय और शुल्क लग सकता है। ऐसे में छात्रों को अभी के लिए अपनी अंक तालिका को दो बार जाँचने की सलाह दी गई है, क्योंकि “सुधार की सुविधा एक वरदान है, पर यह आपके खुद के सतर्क रहने पर ही निर्भर करती है।”

Published: May 9, 2026