ई‑बस ट्रायल: 15 बसें, चार मार्ग, छह महीने में गुरुग्राम एयरपोर्ट‑ग्रेटर नोएडा को जोड़ें
उत्तर प्रदेश के परिवहन विभाग ने गुरुग्राम अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे को ग्रेटर नोएडा के साथ जोड़ने के लिये 15 इलेक्ट्रिक बसों की छह महीने की सीमित अवधि के परीक्षण की घोषणा की। यह परीक्षण चार नियोजित मार्गों पर चलाया जाएगा, जिनमें दो प्रमुख कनेक्शन एयरोपोर्ट‑नोएडा सेंट्रल, एयरोपोर्ट‑सेफ़रॉग, नोएडा‑सिंधरगढ़ और नोएडा‑कुर्सी रोड शामिल हैं।
परियोजना को अतिरिक्त 120 करोड़ रुपये के बजट से वित्त पोषित किया गया है, जो राज्य सरकार की हरित यात्रा पहल के अंतर्गत आता है। बसों की खरीदारी के लिये यंत्रनिधि (जनरल एमेन्डमेंट टेबल) के माध्यम से अर्द्ध-विशेषाधिकार अनुबंध किया गया, जिससे लंबी सरकारी प्रक्रियाओं के चलते अनावश्यक देरी से बचा जा सके। हालांकि, विवाद के रूप में यह बताया गया कि इन वाहनों के लिए आवश्यक चार्जिंग स्टेशनों की स्थापना अभी भी अधूरी है, जिससे प्रयोग के दौरान अनपेक्षित गिरावट की संभावना नहीं नहीं है।
शहर वासियों ने इस कदम की प्रशंसा की, क्योंकि वर्तमान में एयरोपोर्ट‑नोएडा मार्ग पर केवल निजी टैक्सी और डिमांड‑शेयरिंग सेवाएं उपलब्ध हैं, जो भीड़भाड़ और प्रदूषण को बढ़ा रही हैं। ई‑बसों के परिचय से न केवल यात्रियों को सस्ती तथा पर्यावरण‑मित्र यात्रा का विकल्प मिलेगा, बल्कि महीनों में 150 टन CO₂ की कमी भी संभव हो सकती है। फिर भी, प्रशासन को यह सुनिश्चित करना होगा कि बैटरियों की रेंज, चार्जिंग समय और मौसमी तापमान जैसी तकनीकी चुनौतियां वास्तविक संचालन में बाधा न बनें।
बिना किसी बड़े राजकीय शोर-शराबे के, विभाग ने ट्रायल के परिणामों को आधे साल बाद सार्वजनिक करने का वचन दिया है। यदि प्रदर्शन आशानुरूप रहा तो इस मॉडल को शहर भर में विस्तार कर, राष्ट्रीय ई‑वहन नीति के साथ तालमेल बिठाने की योजना बनायी गयी है। इस बीच, नागरिकों को सलाह दी गई है कि परीक्षण अवधि के दौरान संभावित सेवा व्यवधान के लिये वैकल्पिक यात्रा साधनों की योजना तैयार रखें, क्योंकि नीति‑निर्माताओं का अक्सर 'परीक्षण के बाद ही सुधार' का सिद्धांत कभी‑कभी सड़क पर भी लागू होता है।
Published: May 4, 2026