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Category: शहर

अहमदाबाद में गर्मियों के बढ़ते रोग, जल गुणवत्ता जांच का विस्तार

अहमदाबाद नगर पालिका (AMC) ने अपनी वार्षिक स्वास्थ्य रिपोर्ट में बताया कि इस वर्ष मई‑जून की गर्मी में रोगियों की संख्या में लगभग 30 % की बढ़ोतरी हुई है। कैसरिन‑जैसे बुखार, दस्त और पाचन संबंधी रोगों को मुख्य कारणों में सूचीबद्ध किया गया, जबकि स्वास्थ्य अधिकारी गर्मी‑से जुड़ी जल‑संकट को प्रमुख कारण मान रहे हैं।

प्रतिक्रिया स्वरूप AMC ने जल गुणवत्ता जांच को व्यापक कर दिया है। मौजूदा 12 स्वायत्त जल‑परीक्षण केंद्रों के साथ 5 नई मोबाइल लैबों की तैनाती की गई, जिससे शहर के 500 से अधिक जल स्रोतों का रीयल‑टाइम परीक्षण संभव हो गया। अब बोरॉन, आर्सेनिक और सूक्ष्मजीवों की सीमा मूल्य को पार करने वाले किसी भी नमूने की रिपोर्ट दो घंटे के भीतर जारी की जाएगी।

स्थानीय निवासियों ने बताया कि कई आवासीय क्षेत्रों में अभी भी किचन‑सिंक में धुंधली पतली पसीने जैसी जल आपूर्ति जारी है, जबकि कुछ जगहों पर जल‑पम्प के साथ असंगत दबाव के कारण टैंकर‑ट्रक से रात्रि में अतिरिक्त व्यवस्था करनी पड़ती है। ऐसी स्थितियों में रोग‑प्रतिरोधी लोगों के अलावा बुजुर्ग व बालकों पर प्रतिकूल प्रभाव विशेष रूप से महसूस किया जा रहा है।

AMC के प्रवक्ता ने कहा, “जल‑गुणवत्ता मॉनिटरिंग में यह कदम अस्थायी राहत नहीं, बल्कि सतत‑सुरक्षा की दिशा में एक ठोस कदम है।” तथापि, बजट में 12 % की बढ़ोतरी और अतिरिक्त शमन‑कार्यक्रम के बावजूद, कई विशेषज्ञ इस बात पर इशारा कर रहे हैं कि नियामक निगरानी के मानक अक्सर “सर्दियों की धुंध” जैसा धुंधला रह जाता है। जब तक पानी में “शहद‑जैसे स्वच्छता” नहीं लायी जाती, तब तक रोग‑सम्प्रदाय की मेजबानी जारी रह सकती है।

Published: May 5, 2026