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अंकोडिया रोड पर ईर्ष्या से उत्पन्न हत्याकांड: पुलिस की प्रतिक्रियाएं
शहर के प्रमुख आवासीय क्षेत्रों में से एक, अंकोडिया रोड पर पिछले सप्ताह एक झीनी ईर्ष्या ने घातक रूप ले लिया, जब दो व्यक्तियों के बीच झड़प के बाद एक व्यक्ति की मौत हो गई। स्थानीय पुलिस ने बताया कि प्रारम्भिक जांच में यह स्पष्ट हो रहा है कि हत्या का प्रेरक मूलतः व्यक्तिगत द्वेष था, न कि कोई व्यवस्थित अपराधा।
पड़ोसियों का कहना है कि इस सड़कों पर आधी रात बाद भी अनजाने में तेज़ रोशनी नहीं चलती, जिससे माहौल में अंधकार और असुरक्षा का माहौल बना रहता है। नगर निगम ने कई महीनों से इस बिंदु पर लाइटिंग सुधार की मांग को टाला है, जबकि पुलिस विभाग ने अंधेरे को अपराध के लिए उपजाऊ जमीन बताया है। इस बार की घटना ने इस चरणबद्ध विफलता को फिर से उजागर किया।
पुलिस ने घटना स्थल पर फोरेंसिक टीम तैनात कर तत्काल कारवाई की, वूफ़र पास के आसपास के CCTV फुटेज की मांग की और सम्भावित संदिग्धों के खिलाफ पहली वापसी वारंट जारी किया। जांच के दौरान पता चला कि आरोपी ने पीड़ित के प्रति पुरानी द्वेष भावना को बढ़ा-चढ़ा कर पेश किया था, जिसकी पुष्टि कई गवाहों ने दी। न्यायिक प्रक्रिया के आगे बढ़ने पर पुलिस ने कहा कि मामले को तेज़ी से अदालत में ले जाया जाएगा।
नागरिकों ने सुरक्षा हेतु नगर निगम से सड़कों की रोशनी, वीडियो सर्विलांस और नियमित पैट्रोलिंग की तत्काल मांग की है। इस दिशा में शहर के मुख्य मंत्री के कार्यालय ने बताया कि भविष्य में बुनियादी ढांचागत परियोजनाओं को प्राथमिकता दी जाएगी, परंतु इस बात की भी चिंता जताई गई कि निरंतर बजट कटौतियों के कारण ठोस कार्य के लिये पर्याप्त संसाधन नहीं मिल पा रहे हैं।
व्यवस्था की विफलता के बावजूद प्रशासन ने कहा कि “सुरक्षा केवल पुलिस की जिम्मेदारी नहीं, बल्कि शहर के सभी प्राधिकरणों का संयुक्त दायित्व है।” इस बात को नोट करते हुए, नागरिक समूहों ने कहा कि केवल घोषणात्मक कदमों से समस्या हल नहीं होगी; ठोस कार्यवाही और समय पर निगरानी ही विश्वास पुनः स्थापित कर सकेगी।
Published: May 7, 2026