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Category: शहर

UPSRTC ने गंगा एक्सप्रेसवे पर घंटे‑दर‑घंटा बस सेवा की योजना दर्ज की

उत्तर प्रदेश राज्य सड़क परिवहन निगम (UPSRTC) ने गंगा एक्सप्रेसवे पर नई आवर्ती बस सेवा लागू करने की तैयारी पेश कर ली है। इस योजना के तहत प्रयाणागज‑मीरुत के मध्य अंतर्राष्ट्रीय राजमार्ग पर प्रत्येक घंटे एक बस चलेगी, जिससे दो शहरों के बीच औसत यात्रा समय 6 घंटे से घटकर लगभग 4 घंटे तक घटने की उम्मीद है।

राज्य परिवहन विभाग ने इस पहल को "जनसुविधा का सशक्त कदम" बताया, जबकि संचालन में निजी टैक्सी और टेम्पो किराएदारों को भी नई प्रतियोगिता का सामना करना पड़ेगा। UPSRTC ने बताया कि शुरुआती चरण में 20 बसें काम करेगी, प्रत्येक बस में एसी, जीपीएस ट्रैकिंग और मोबाइल चार्जिंग पोर्ट जैसी बुनियादी सुविधाएँ होंगी। टिकट मूल्य को मध्यवर्गीय यात्रियों को लक्षित करते हुए निर्धारित किया गया है, पर इससे कुछ यात्रियों को "खर्च‑सही" यात्रा विकल्प मिलने की आशा है।

नगर प्रशासन भी इस कदम को स्वागत योग्य मान रहा है, क्योंकि एक्सप्रेसवे के साथ सड़कों पर बढ़ती औद्योगिक गतिविधियों के कारण ट्रैफ़िक का बोझ निरंतर बढ़ रहा था। फिर भी, कई स्थानीय जमे हुए ग्वालियों ने संकेत दिया है कि बस टर्मिनलों की सुसज्जा, पार्किंग और अंतिम मील कनेक्शन अभी अधूरी है। यहाँ तक कि एक टिप्पणी में कहा गया कि "अगर बसें समय पर नहीं आईं तो सवारों को गली के कोने में मोटरसाइकिल की सवारी में ही समय बिताना पड़ेगा"—एक सूखी व्यंग्यात्मक टिप्पणी, जो संचालन में निरंतरता की मांग को रेखांकित करती है।

विशेषज्ञों का मानना है कि गंगा एक्सप्रेसवे पर सार्वजनिक परिवहन का विस्तार तेज़ी से शहरी विस्तार को संतुलित कर सकता है, पर इसके लिए सड़क रख‑रखाव, सिग्नल नियंत्रण और डिजिटल सूचना प्रणाली की पारदर्शिता आवश्यक है। यदि इन बुनियादी आवश्यकताओं को दूर किया गया, तो घंटे‑दर‑घंटा बस सेवा न केवल यात्रियों के समय बचत में मदद करेगी, बल्कि पर्यावरणीय प्रभाव को भी घटाएगी।

आगामी महीनों में UPSRTC की इस योजना की प्रगति पर नजर रखी जाएगी, खासकर टिकट बुकिंग की प्रतिक्रिया, यात्रियों की संतुष्टि और पहली बार संचालन के बाद उत्पन्न होने वाली तकनीकी अड़चनों पर। यदि सब कुछ योजना के अनुसार चलता रहा, तो इस नई सेवा को राज्य में सार्वजनिक परिवहन के भविष्य के मॉडल के रूप में सराहा जा सकता है।

Published: May 4, 2026