PDKV भूमि पर शराब व शोर उल्लंघन के 280 FIR दर्ज, पुलिस ने इनकार किया कार्यवाही न करने का
शहर के प्रमुख विकास क्षेत्र PDKV भूमि में पिछले तीन महीनों में शराब की बिक्री एवं अंधाधुंध आवाज़ उत्पन्न करने के 280 प्रथम सूचना रिपोर्ट (FIR) दर्ज करवाई गईं। स्थानीय पुलिस ने इन मामलों में कार्यवाई न करने के आरोप को स्पष्ट रूप से खारिज कर कहा कि सभी शिकायतों पर पूर्ण जांच चल रही है और आवश्यक कार्रवाई की जा रही है।
पुलिस ने बताया कि FIR के अधिकांश मामलों में अनधिकृत बार, शराब के बेचे जाने वाले ढीले स्टॉल और सामाजिक समारोहों के दौरान उग्र ध्वनि प्रदूषण शामिल था। इस क्षेत्र में रहने वाले कई नागरिकों ने शिकायत की, जिससे वायु गुणवत्ता तथा शांती बाधित हो रही थी। पुलिस ने कहा कि प्रवर्तन के लिए विशेष कार्यदल स्थापित किया गया है और प्रतिबंधित घंटों में शराब की बिक्री पर रोक लगाई गई है।
परंतु नगर निगम के प्रवर्तन विभाग के अधिकारी यह मानते हैं कि अभी तक भूमि के प्रमुख भागों में निवारक कदम पर्याप्त नहीं दिखे। उन्होंने उल्लेख किया कि कई घटनाओं में कानूनी प्रक्रिया लंबी और अनुचित लग रही है, जिससे स्थानीय व्यापारियों और निवासियों दोनों को असुविधा झेलनी पड़ रही है।
साक्षात्कार में आए निवासियों ने बताया कि शाम के समय अनियंत्रित ध्वनि और अवैध शराब के कारण सामाजिक माहौल बिगड़ रहा है, जबकि कई बारवाले निरंतर व्यवसाय चलाने के कारण नियमन से बचते दिखाई देते हैं। कुछ नागरिकों ने पुलिस की सक्रियता की सराहना की, परन्तु एफ़आईआर की संख्या और भूमि के आकार को देखते हुए, वे इसको ‘सिर्फ कागज़ी कार्रवाई’ मानते हैं।
पुलिस ने इस पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा, “हम प्रत्येक मामले की जाँच कर रहे हैं और दोषी पाए जाने पर कड़ी सजा दिलाएंगे। वर्तमान में कुछ मामलों में न्यायालय में प्रक्रिया जारी है, इसलिए तुरंत सभी बंदी नहीं कर सकते।” उन्होंने यह भी जोर दिया कि प्रशासनिक सहयोग के अभाव में कई बार राहत कार्य में देरी होती है, पर स्थानीय प्राधिकरणों के साथ संवाद जारी है।
विश्लेषकों का मानना है कि ऐसे बड़े पैमाने पर FIR जमा होने के बाद भी यदि ठोस उपाय नहीं किए जाते तो सार्वजनिक विश्वास धूमिल हो सकता है। उन्होंने सुझाव दिया कि पुलिस, नगर निगम और समाज के बीच निरंतर सहयोग से ही शराब व शोर के उल्लंघनों को समाप्त किया जा सकेगा। इस बीच, PDKV भूमि के निवासियों को अपेक्षा है कि कार्रवाई तेज़ी से हो और नियमित निगरानी के माध्यम से अंततः शांति और स्वच्छ पर्यावरण का पुनर्स्थापन हो सके।
Published: May 6, 2026