जो होना ही था, उसे दर्ज करता, देखता और सवाल करता समाचार मंच

Category: शहर

KVT में ऐप‑आधारित दर्शन प्रणाली पर कांग्रेस का विरोध

कुशल, 3 मई 2026 – KVT नगर निगम ने पिछले महीने से शुरू की गई ऐप‑आधारित दर्शन बुकिंग व्यवस्था के विरोध में शहर के प्रमुख कांग्रेस नेता और कई स्थानीय कार्यकर्ता आज सुबह बड़ी संख्या में सड़क पर जुटे। उन्होंने कहा कि इस नई प्रणाली ने भक्तों के बीच डिजिटल विभाजन को बढ़ावा दिया है और पारंपरिक दर्शन साधन को समझौता किया है।

कांग्रेस प्रतिनिधियों ने कहा कि केवल स्मार्टफ़ोन या इंटरनेट कनेक्शन वाले लोग ही अब समय‑समय पर दर्शन कर पा रहे हैं, जबकि कई वृद्ध व ग्रामीण वर्ग के भक्त अभी भी अस्मार्टफ़ोन नहीं रखते। इस कारण उन्होंने कई निश्चित समय‑स्लॉट “रद्द” या “ऑवरबुक्ड” होने की शिकायत की, जिससे निजी भीड़भाड़ और असंतोष पैदा हुआ।

नगर निगम के प्रवर्तक अधिकारी, नागरिक सुविधाएँ विभाग के अधिकारी राजेश कुमार ने कहा कि यह पहल भीड़‑भाड़ को कम करने और स्वास्थ्य‑सुरक्षा मानकों को पूर्ण करने के लिए आवश्यक थी। उन्होंने कहा, “जैसे आप्शन‑ऑन‑डिमांड सेवाओं के लिए मोबाइल एप्लिकेशन जरूरी हो गया है, वैसे ही धार्मिकस्थलों में भी तकनीकी समाधान अपनाना अनिवार्य है।”

कांग्रेस ने इन शब्दों को “सुविधा” कह कर अस्वीकार कर दिया और सुझाव दिया कि एक समानांतर पारंपरिक बुकिंग काउंटर भी जारी किया जाए। उन्होंने यह भी माँग की कि नगर निगम इस प्रणाली में “रात‑भर की मुफ्त पंजीकरण सहायता” और “समुदाय केंद्रों में डिजिटल साक्षरता प्रशिक्षण” स्थापित करे, जिससे तकनीकी बदलाव के लाभ सभी वर्गों तक पहुँच सकें।

पिछले कुछ महीनों में KVT में कई धार्मिक स्थल, विशेषकर शिवशिखर मंदिर, ने समान डिजिटल बुकिंग सॉफ़्टवेयर अपनाया था। प्रारंभिक प्रतिक्रिया में बुकिंग प्रक्रिया को तेज़ करने और यात्रियों के प्रवाह को नियंत्रित करने की सराहना हुई थी, परन्तु बाद में कई रिपोर्टें आईं कि प्रणाली में तकनीकी गड़बड़ियों के कारण कई भक्तों को अपने निर्धारित समय पर प्रवेश नहीं मिला।

शहर की पुलिस ने विवादित स्थल के निकट पुलिस उपस्थिति बढ़ा दी, ताकि शांति बनी रहे। कोई बड़ा झगड़ा नहीं हुआ, परंतु निवासियों ने सोशल‑मीडिया पर इस मुद्दे को लेकर विविध मत व्यक्त किए। विशेषज्ञों ने कहा कि डिजिटल पहल को सामाजिक समावेशी रणनीति के साथ जोड़ना चाहिए, अन्यथा “तकनीकी उन्नति का सतही दिखावा” ही रह जाएगा।

आगे क्या होगा, यह अभी स्पष्ट नहीं है। नगर निगम ने कहा कि वे कांग्रेस के सुझावों पर विचार करेंगे और अगले दो हफ्तों में समाधान हेतु एक सार्वजनिक परामर्श आयोजित करेंगे। इस बीच, दोनों पक्षों के बीच संवाद जारी है, ताकि श्रद्धालुओं को सुविधा और सम्मान दोनों मिल सके।

Published: May 4, 2026