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AKTU ने प्रथम वर्ष के इंजीनियरिंग छात्रों के लिए वैकल्पिक विषय शुरू किए
उत्तर प्रदेश के वाराणसी में स्थित डॉ. ए.पी.जे. अब्दुल कलाम तकनीकी विश्वविद्यालय (AKTU) ने प्रथम वर्ष के इंजीनियरिंग छात्रों को वैकल्पिक कोर्स चयन की सुविधा प्रदान करने की घोषणा की। यह कदम विश्वविद्यालय द्वारा शिक्षा‑प्रणाली को अधिक लचीला करने और छात्रों को उद्योग‑उन्मुख दिशा‑निर्देश जल्दी प्रदान करने की कोशिश को दर्शाता है।
विश्वविद्यालय प्रशासन ने बताया कि आगामी शैक्षणिक वर्ष से छात्र अपनी प्राथमिक शाखा के साथ दो चयनात्मक वैकल्पिक विषय भी ले सकते हैं। प्रारंभिक रूप से जीएसटी, पर्यावरण प्रौद्योगिकी, उद्यमिता एवं डेटा साइंस जैसे कोर्स उपलब्ध कराए जाएंगे, जिससे छात्रों को स्नातक के पहले दो वर्षों में ही विविध कौशल अर्जित करने का मौका मिलेगा। चयन प्रक्रिया ऑनलाइन होगी और दाखिला के साथ ही कक्षा-शेड्यूल में समायोजन किया जाएगा।
इस नई पहल का समर्थन उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा भी किया गया है, जिससे विश्वविद्यालय को आवश्यक फंडिंग एवं साक्षरता बुनियादी ढांचा उपलब्ध करवाया गया। हालांकि, प्रशासनिक दस्तावेज़ीकरण और फ़ैकल्टी के अतिरिक्त कार्यभार को लेकर कुछ चिंताएँ उठ रही हैं। कई प्राध्यापक ने कहा है कि मौजूदा पाठ्यक्रम के साथ दो अतिरिक्त वैकल्पिक विषय जोड़ना, बिना अतिरिक्त स्टाफ़ या लैब सुविधाओं के, शिक्षण‑गुणवत्ता पर असर डाल सकता है।
कैंपस प्रशासन ने इस बात पर जोर दिया कि वैकल्पिक कोर्सों के लिए नई प्रयोगशालाओं और सॉफ्टवेयर लाइसेंसों की व्यवस्था की जाएगी, पर वास्तविक कार्यान्वयन में कागज़ी प्रक्रिया और प्रायोजकों के समय‑सारणी के कारण देरी की संभावना है। स्थानीय मीडिया ने इस पहल को “शैक्षणिक ब्यूरेक्रेसी की नई परत” कहा, जहाँ छात्रों को चयन की स्वतंत्रता मिलते‑मिलते प्रशासनिक जड़ता का सामना करना पड़ रहा है।
छात्रों की प्रतिक्रिया मिली-जुली रही। कुछ ने इस पहल को “शुरुआती करियर‑निर्देशन की अच्छी खबर” बताया, जबकि अन्य ने “पहले से ही भारी पाठ्यक्रम में और जोड़” की चिंता जताई। कुल मिलाकर, वैकल्पिक विषयों की शुरुआत से वाराणसी और निकटवर्ती क्षेत्रों के कई इंजीनियरिंग कॉलेजों में प्रतिस्पर्धात्मक माहौल उत्पन्न हो सकता है, जिससे स्थानीय शैक्षणिक संस्थानों को भी अपने पाठ्यक्रमों को पुनः देखना पड़ सकता है।
Published: May 7, 2026