AAI ने RTI अनुरोध पर नई बाधा जानकारी को रोका
विमानन बाधाओं से सम्बंधित अद्यतित डेटा, जो हवाई अड्डे के निकटवर्ती इमारतें, टावर, पावर लाइन्स आदि की ऊँचाई व स्थान बताता है, को प्राप्त करने हेतु एक नागरिक ने सूचना का अधिकार (RTI) अधिनियम के तहत आवेदन दिया। मांग का उद्देश्य सुरक्षा मानकों की जाँच और संभावित जोखिमों की पहचान करना था। परंतु भारत के विमानन प्राधिकरण, एयरपोर्ट अथॉरिटी ऑफ़ इंडिया (AAI), ने इस आवेदन को ‘सुरक्षा कारणों’ एवं ‘वाणिज्यिक गोपनीयता’ के आधार पर अस्वीकृत कर दिया।
आवेदनकर्ता ने उत्तरदाताओं से पूछा कि नवीनतम बाधा मानचित्र (Obstacle Data) कब तक अपडेट किया गया और क्या यह उपलब्ध है। AAI ने बताया कि इस प्रकार का डेटा “सुरक्षा के दृष्टिकोण से संवेदनशील” है और सार्वजनिक विमर्श में लाना “अवांछनीय परिणाम” दे सकता है। सूचना अधिकार के तहत उपलब्ध सार्वजनिक डेटा की इस तरह की “धुंधली” अपवादना, प्रशासनिक पारदर्शिता पर सवाल उठाती है।
रोज़गार और आवासीय क्षेत्रों के विकास के साथ-साथ दिल्ली‑नॉएडा, मुंबई‑सत्री, बेंगलुरु‑केम्पेगौड़ा जैसे बड़े हवाई अड्डों के आसपास नई इमारतों की ऊँचाई बढ़ रही है। इन विकासों के लिए बाधा मानचित्र अद्यतन होना आवश्यक है, ताकि पायलटों एवं हवाई यातायात नियंत्रण (ATC) को वास्तविक‑समय में जानकारी मिल सके। डेटा की कमी से न केवल एयरलाइन ऑपरेटरों की योजना बाधित होती है, बल्कि आसपास के नागरिकों को भी अप्रत्याशित आवाज़ व ध्वनि प्रदूषण से सामना करना पड़ता है।
AAI के इस निर्णय पर सूचना अधिकार अधीनस्थ विभाग (सल्लाहकार) ने अभी तक स्पष्ट उत्तर नहीं दिया, जबकि पिछले वर्ष कुछ समान मामलों में अदालत ने प्राधिकरण को डेटा जारी करने का आदेश दिया था। इस संदर्भ में, अधिकारीयों की यह रुख-नीति “परदे के पीछे की रेखा को दिखाने से प्रतिबंधित” होने को दर्शाती है, जहाँ पर सुरक्षा का हवाला देकर पारदर्शिता के दरवाज़े बंद कर दिए जाते हैं।
विमानन विशेषज्ञ बताते हैं कि बाधा मानचित्र सार्वजनिक रूप से उपलब्ध होने से न केवल सरकार की जवाबदेही बढ़ती है, बल्कि निजी योजनाकारों को भी नियमन के अनुरूप काम करने की प्रेरणा मिलती है। वर्तमान में, योजना‑समिति और नागरिक समूह इस विषय पर प्रेस कॉन्फ्रेंस की मांग कर रहे हैं, ताकि AAI को अपने डेटा प्रबंधन में सुधार और सूचना अधिकार की शर्तों का पालन करने के लिए प्रेरित किया जा सके।
अधिकारियों के अनुसार, “रक्षा एवं बुनियादी ढाँचे की सुरक्षा में कोई समझौता नहीं किया जा सकता,” लेकिन आलोचक तर्क देते हैं कि पारदर्शिता और सुरक्षा आपस में विरोधी नहीं, बल्कि पूरक होने चाहिए। यदि AAI अपनी जानकारी को ‘गुप्त’ के आड़ में छिपाता रहेगा, तो वह न केवल सूचना अधिकार के मूल उद्देश्यों पर आँसू उगा देगा, बल्कि हवाई सुरक्षा के लिए भी अनजाने में जोखिम पैदा कर सकता है।
Published: May 4, 2026