होराइज़न्स मिडिल ईस्ट व अफ्रीका आर्थिक दृष्टिकोण 2026: विकास, निवेश और नियामक चुनौतियाँ
होराइज़न्स द्वारा तैयार किया गया 2026 का मध्य‑पूर्व‑अफ्रीका आर्थिक विवरण इस क्षेत्र के प्रमुख देशों में जीडीपी वृद्धि, निवेश प्रवाह और नियामकीय परिवर्तनों की विस्तृत तस्वीर पेश करता है। रिपोर्ट के अनुसार, इस वर्ष क्षेत्र का औसत वास्तविक जीडीपी वृद्धि 4.2 % रहने की संभावना है, जो 2025 के 3.8 % से मामूली उछाल दर्शाता है।
ऊर्जा‑संबंधी सेक्टर अभी भी विकास का मुख्य इंजन बना हुआ है। तेल एवं गैस कीमतों में अस्थिरता के बावजूद, प्रमुख तेल‑उत्पादक देशों में उत्पादन का विस्तार और नई गैस‑फ़ील्ड के कमर्शियलाइज़ेशन से राजस्व में दो अंकों की वृद्धि के संकेत मिले हैं। परंतु, उत्पादक देशों को पर्यावरण‑संबंधी नियमन‑सख्ती और ऊर्जा संक्रमण की वैश्विक माँग के अनुरूप नवीकरणीय ऊर्जा में निवेश को तेज़ करने की आवश्यकता है।
वित्तीय निवेश की बात करें तो, अफ्रीका में विदेशी प्रत्यक्ष निवेश (FDI) 2026 में लगभग 30 % तक बढ़ने का अनुमान है, मुख्यतः बुनियादी ढाँचा, डिजिटल अर्थव्यवस्था और कृषि‑उद्योग में। इस वृद्धि का लाभ उठाने के लिए कई नौब्बे‑जवानी सरकारें नियामकीय सर्च्ज़ को सरल बनाने, कराधान में ऋणात्मकता लाने और विदेशी निवेशकों के लिए सुरक्षा स्पष्ट करने की दिशा में कदम बढ़ा रही हैं। हालांकि, निवेशकों ने अधिकारिक प्राधिकरणों में पारदर्शिता की कमी और न्यायिक प्रणाली में देरी को प्रमुख जोखिम के रूप में इंगित किया है।
बाजार संरचना में बदलाव भी स्पष्ट है। मध्य‑पूर्व के कुछ देशों ने वित्तीय सेवाओं में नियामकीय ढांचा सुगम करने के लिए नई लाइट‑डेटा फ्रेमवर्क पेश की है, जिससे फिनटेक कंपनियों को लाइसेंस प्रक्रिया में औसत 40 % समय‑बचत हुई है। फिर भी, प्रयोगात्मक नियामकीय प्रयोगों से उत्पन्न अनिश्चितताओं के कारण पारंपरिक बैंकों की प्रतिस्पर्धात्मक स्थिति में परिवर्तन का जोखिम बना हुआ है।
रोजगार पर नजर डालें तो, क्षेत्र में कुल श्रम शक्ति का 6 % से अधिक जनसंख्या बेरोज़गारी का सामना कर रहे हैं। विशेषकर युवा वर्ग में निरन्तर नौकरी‑सृजन की कमी, बेरोज़गारी को सामाजिक‑आर्थिक असंतुलन की मूल वजह बनाती है। रिपोर्ट ने सुझाव दिया है कि तकनीकी कौशल विकास, उद्यमशीलता समर्थन और सार्वजनिक‑निजी साझेदारी के माध्यम से व्यावसायिक अवसरों को विस्तारित करने पर अधिक ध्यान देना चाहिए।
सारांश में, मध्य‑पूर्व‑अफ्रीका का आर्थिक परिदृश्य संभावनाओं और चुनौतियों दोनों से भरपूर है। ऊर्जा‑स्रोतों की निरंतरता, नियामकीय सुदृढ़ता और निवेश‑मैत्री माहौल का समुचित संतुलन ही इस क्षेत्र को सतत विकास की दिशा में ले जाने का प्रमुख आयाम होगा।
Published: May 4, 2026