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Category: व्यापार

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सफारीकम की वार्षिक लाभ में 67% की तेज़ी, इथियोपिया यूनीट ने घाटा घटाया

पूर्वी अफ्रीका के प्रमुख टेलीकॉम ऑपरेटर सफ़ारिकॉम प्ला. ने वित्तीय वर्ष 2025‑26 में अपने शुद्ध लाभ को 67% बढ़ाते हुए रिकॉर्ड स्तर पर पहुंचा, जबकि उसकी इथियोपिया सहायक कंपनी ने नुकसान को घटाकर सौदेबाजियों को स्थिर किया। यह परिणाम भारतीय निवेशकों के बीच टेली‑कॉम सेक्टर की आकर्षकता को और भी बढ़ा रहा है, क्योंकि कई भारतीय फंड्स और एसेट मैनेजर्स ने इस स्टॉक को अपने पोर्टफोलियो में शामिल किया हुआ है।

सफ़ारिकॉम ने रिपोर्ट किया कि इसकी कुल आय में 54% की वृद्धि हुई, मुख्य रूप से मोबाइल डेटा पैकेजों की कीमत में छूट, रिमिटेंस सेवाओं का विस्तार और एंटरप्राइज़ क्लाउड समाधान की बढ़ती मांग ने प्रेरित किया। नेट ऑपरेटिंग प्रॉफिट मार्जिन (NOPM) 23% तक बढ़ गया, जो प्रतियोगी वोडाकॉम के केन्याई ब्याजन इकाई की तुलना में अधिक प्रभावी संचालन को दर्शाता है।

इथियोपिया में विस्तारित ऑपरेशनों के कारण अब तक चल रहे नुकसान में उल्लेखनीय कमी आई। कंपनी ने लागत नियंत्रण, नेटवर्क पुनर्गठन और स्थानीय साझेदारियों के माध्यम से ऑपरेटिंग खर्चों को 18% घटाया, जिससे साल‑दर‑साल घाटा 30% कम हो सका। हालांकि, इथियोपिया के नियामक माहौल में अभी भी लाइसेंसिंग बाधाएं और स्पेक्ट्रम शुल्क की बढ़ती लागत जैसी चुनौतियां मौजूद हैं, जिनका समाधान न होने पर भविष्य में लाभ मार्जिन पर दबाव पड़ सकता है।

भारतीय टेलीकॉम उपकरण निर्माताओं, जैसे कि एरिस, श्मिट और इंटेल, के लिए यह विकास नई निर्यात संभावनाओं का संकेत देता है। सफ़ारिकॉम ने अग्रिम 2026 में 1.2 बिलियन अमेरिकी डॉलर मूल्य के नेटवर्क एन्हांसमेंट प्रोजेक्ट्स की घोषणा की है, जिसमें फाइबर‑ऑप्टिक बुनियादी ढांचा और 5G‑तैयारी शामिल है। इन प्रोजेक्ट्स में भारतीय कंपनियां प्रमुख सप्लायर बन सकती हैं, जिससे भारत के टेलीकॉम निर्यात को लाभ मिलेगा।

नियामक दृष्टिकोण से, इथियोपिया सरकार ने हाल ही में टेलीकॉम सैक्टर में विदेशी निवेश को आकर्षित करने के लिए कई नीतियों में ढील दी है, परन्तु स्पेक्ट्रम आवंटन में पारदर्शिता की कमी और अनियमित शुल्क संरचना ने उपभोक्ता हित के लिए चिंता उत्पन्न की है। सफ़ारिकॉम के उपभोक्ता वर्ग में डेटा पैकेज की कीमतों में अचानक वृद्धि को लेकर शिकायतें दर्ज हुईं, जो भारतीय बाजार में समान मुद्दों के प्रतिध्वनि हैं, जहाँ डेटा शुल्क और नेटवर्क गुणवत्ता के बीच संतुलन बनाना नियामकों की प्राथमिकता बन गया है।

कुल मिलाकर, सफ़ारिकॉम की वित्तीय उपलब्धियों ने दक्षिण‑पूर्वी अफ्रीकी टेलीकॉम सेक्टर में निवेश आकर्षक बना दिया है, परन्तु नियामक अस्थिरता, लागत संरचना और उपभोक्ता संरक्षण के मुद्दे भविष्य की स्थिरता को चुनौती दे सकते हैं। भारतीय निवेशकों को इन जोखिमों को ध्यान में रखते हुए पोर्टफोलियो विविधीकरण की रणनीति अपनानी चाहिए, जबकि कंपनियों को कॉर्पोरेट जवाबदेही और स्थानीय नियामक मानकों के अनुपालन को मजबूत करने की आवश्यकता है।

Published: May 7, 2026