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Category: व्यापार

नई इमारत मानक से अग्नि सुरक्षा में बदलाव, 24 मीटर से ऊपर की इमारतों पर लागू

वित्त मंत्रालय ने आज नई इमारत मानक अधिनियम को मंजूरी देते हुए कहा कि अब 24 मीटर (लगभग 8 मंजिल) से ऊँची सभी इमारतों को अग्नि सुरक्षा सलाहकार को नियुक्त करके विस्तृत अग्नि सुरक्षा नियोजन तैयार करना अनिवार्य होगा। इस कदम का उद्देश्य शहरी क्षेत्रों में बढ़ती ऊँची इमारतों में सुरक्षा अंतराल को दूर करना और संभावित आपदाओं से जनसुरक्षा को सुदृढ़ बनाना है।

हालाँकि यह निर्णय सार्वजनिक सुरक्षा के दृष्टिकोण से सराहनीय है, परन्तु निर्माण और रियल एस्टेट सेक्टर को आर्थिक प्रतिबिंबों का सामना करना पड़ेगा। नई मानक के तहत डिज़ाइन परामर्श, अग्नि निरोधक उपकरण, स्वचालित अलार्म और आपातकालीन निकास प्रणाली की अनिवार्य स्थापना का खर्च औसतन 2‑3 प्रतिशत तक निर्माण लागत में वृद्धि कर सकता है। यह अतिरिक्त बोझ खासकर सस्ते आवास के प्रोजेक्ट्स में लागत‑संवेदनशीलता बढ़ा कर कीमतों पर असर डाल सकता है, जिससे उपभोक्ता हित पर प्रश्न उठते हैं।

दूसरी ओर, अग्नि सुरक्षा समाधान प्रदाताओं, फायर‑सेफ्टी कंसल्टेंट और बीमा कंपनियों को नई मानक से संभावित लाभ मिल सकता है। सुरक्षा प्रमाणन की आवश्यकता के कारण इनसेवाओं की मांग में वृद्धि की उम्मीद है, जिससे इस सेक्टर में नई नौकरियों की सृष्टि हो सकती है। बीमा क्षेत्र में, अग्नि जोखिम के स्पष्ट आंकड़े मिलने से प्रीमियम निर्धारण में अधिक पारदर्शिता आ सकती है, लेकिन साथ ही सुरक्षा उपकरणों की अनिवार्यता के कारण प्रीमियम में भी वृद्धि संभव है।

वित्तीय विश्लेषकों ने बताया कि इस नियामक बदलाव से छोटे और मध्यम आकार के निर्माण कंपनियों पर विशेष दबाव पड़ेगा, क्योंकि उन्हें तकनीकी विशेषज्ञता और नियामक अनुपालन के लिए अतिरिक्त बजट आवंटित करना पड़ेगा। बड़े डिवेलपर्स के पास इन खर्चों को संधारण करने की क्षमता अधिक होने की तर्कसंगत संभावना है, जिससे बाजार में प्रतिस्पर्धी संतुलन प्रभावित हो सकता है।

नियामक निकाय के बयान के अनुसार, 24 मीटर की नई सीमा का चयन पिछले कई बड़े शहरी पटाखों और अतिक्रमण मामलों के आँकड़ों पर आधारित है। हालांकि आलोचकों का कहना है कि केवल ऊँचाई के आधार पर मानक तय करने में उन इमारतों की सुरक्षा उपेक्षित हो सकती है, जो न्यूनतम ऊँचाई पर भी उच्च जोखिम वाले क्षेत्रों में स्थित हैं। इस दिशा में नियामक ढाँचा को अधिक व्यापक बनाकर, विशेष जोखिम मानदंडों को सम्मिलित करने की मांग बढ़ रही है।

कुल मिलाकर, नई इमारत मानक अग्नि सुरक्षा के लिए एक सकारात्मक कदम है, लेकिन इसके कार्यान्वयन में लागत‑प्रभाव, छोटे उद्योगों की प्रतिस्पर्धात्मकता, तथा उपभोक्ता मूल्य पर असर को संतुलित करने हेतु अतिरिक्त नीति‑सहायता की आवश्यकता है। सरकार को इस परिवर्तन के आर्थिक प्रभावों को घटाने के लिए आरएंडडी सब्सिडी, वित्तीय सहजता या सुरक्षा उपकरण निर्माताओं के लिए कर रियायत जैसे उपायों पर विचार करना चाहिए।

Published: May 4, 2026