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Category: व्यापार

ट्रंप की आर्थिक नीतियां युवा मतदाताओं को निराश, महँगाई पर भरोसा टूट गया

2024 के राष्ट्रपति चुनाव में युवा वर्ग ने ट्रंप को आशा की किरण समझा, क्योंकि उन्होंने "दुनिया के सबसे बड़े अर्थव्यवस्था" का निर्माण करने का साहसी वादा किया था। लेकिन चुनाव के बाद युवा मतदाताओं की राय में तेज़ गिरावट देखी गई। यु-गॉव और द इकॉनोमिस्ट के सर्वे के अनुसार, 18‑29 वर्ष के समूह में उनकी स्वीकृति दर जनवरी 2025 में 48 % थी, जबकि वर्तमान में यह केवल 25‑33 % के बीच स्थिर है।

इस गिरावट के प्रमुख कारणों में ट्रंप की आर्थिक नीतियों का व्यावहारिक प्रभाव शामिल है, विशेषकर महँगाई को लेकर युवाओं की संवेदनशीलता। ट्रंप ने शपथ ली थी कि वह पदभार ग्रहण करने के पहले दिन कीमतें घटाएगा, परंतु वास्तविकता में इरान के साथ बढ़ते तनाव, टैरिफ युद्ध और एक $400 मिलियन का शानदार बॉलरूम निर्माण ने कीमतों को और ऊपर धकेला। इरान के खिलाफ किए गए सैन्य कदमों ने तेल की कीमतों में इजाफा किया, जबकि टैरिफ नीति ने आयातित वस्तुओं की लागत में वृद्धि की, जिससे व्यापक महँगाई की प्रवृत्ति तेज़ हुई।

युवा वर्ग के लिए महँगाई ही प्रमुख आर्थिक समस्या है; 78 % 30 वर्ष से कम उम्र के उत्तरदाताओं ने कहा कि ट्रंप का महँगाई को नियंत्रित करने का तरीका अप्रभावी है। इस आर्थिक असंतोष का असर उपभोक्ता खर्च में कमी, बचत दर में गिरावट और नौकरियों के सृजन में धीमी गति के रूप में दिख रहा है। कंपनी‑स्तर पर, इन टैरिफों के कारण उत्पादन लागत बढ़ी, जिससे लाभ मार्जिन घटे और ग्राहक मूल्य स्तर बढ़े।

नीति एवं नियामकीय परिप्रेक्ष्य में, ट्रंप प्रशासन की अनिश्चित व्यापार नीति और विदेशी संबंधों में कठोर रुख ने निवेशकों को सतर्क किया। निरंतर टैरिफ संशोधनों ने वैश्विक आपूर्ति शृंखलाओं में अस्थिरता उत्पन्न की, जिससे भारतीय निर्यातकों और आयातकों दोनों को नुकसान का सामना करना पड़ा। इसके अलावा, सरकारी खर्च में बॉलरूम जैसी भव्य परियोजनाओं को प्राथमिकता देना असंगत आय वितरण का संकेत देता है, जिससे सार्वजनिक वित्त की पारदर्शिता पर प्रश्न उठते हैं।

समग्र रूप से, ट्रंप की आर्थिक वादों और उनकी निहितार्थों के बीच अंतर ने युवा मतदाताओं में व्यापक असंतोष उत्पन्न किया है। महँगाई को लेकर असफलता, नीति‑फैलाव और सार्वजनिक धन के अनुचित उपयोग ने न केवल उनकी लोकप्रियता घटाई, बल्कि भारतीय बाजार में भी अनुचित जोखिम पैदा किए हैं, जहाँ उपभोक्ता खर्च और निवेश दोनों ही संवेदनशील हैं।

Published: May 3, 2026